समय तेजी से बदल रहा है । भारतीय संस्कृति व उससे जुडे़ प्रतीक पार्श्व में चले जा रहे हैं । गोवंश धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है... जगह-जगह गौवंश के वध हेतु (Slaughter Houses) बनते जा रहे हैं... ऐसे में आज से तीस-चालीस साल बाद सन २०४०-२०५० में कक्षा दूसरी-तीसरी के बच्चे को "गाय" पर दस वाक्य लिखने को कहा जाये तो वह क्या लिखेगा...
१. गाय एक जानवर होता था, जो भारत मे पाया जाता था ।
२. गाय शहर में नहीं रह सकती, क्योंकि हमारी कालोनी में घास नहीं है ।
३. गाय दूध भी देती है, लेकिन हम दूध "डेरी" से ही लेते हैं ।
४. अमेरिका में लड़के को "गाय" कहते हैं ।
५. मेरी "ग्रैण्डमा" के पास गाँव में गाय थी, हम यहाँ नहीं रख सकते, "लायसेंस" नहीं है ।
६. गाय के गोबर को हम "शिट" कहते हैं ।
७. गाय के दो सींग होते हैं, जो मारने के काम आते हैं ।
८. गाय का चेहरा मेरे दोस्त की "मॉम" से मिलता है ।
९. पुराने जमाने में गाय को माता कहते थे, पता नहीं क्यों ?
१०। "डैड" कहते हैं कि गाय और जंगल बहुत काम के हैं... लेकिन मैने दोनों नहीं देखे |
प्रस्तुतकर्ता--- यशपाल सोलंकी yashpal@shreshthbharat.in
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सबसे पहले देश फिर धर्म-संस्कार-सभ्यता-संस्कृति-समाज-निज भाषा पर गर्व करना ही सही राष्ट्रवाद है|
Sunday, 3 October 2010
Saturday, 2 October 2010
आमंत्रण
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